2011-12-07

03. Protocol


Protocol
                      प्रोटोकोल वे Rules होते है जो combination के लिए apply किया जाते है। Device के बीच Transmission के लिए जिस way या path का use करता है। इसका निर्धारण प्रोटोकोल के द्वारा होता है। इन्टरनेट से कम्प्यूटर के बीच transmission  के लिए कुछ प्रोटोकोल्स का use किया जाता है जो अलग-अलग सर्विस प्रदान करते है। जो नेटर्वक से जुड़े हुए सभी कम्प्यूटर के बीच communication प्रदान करता है।
    Hardware Device के माध्यम से स्थानीयकरण करने के बाद जो सॉफ्टवेयर का प्रयोग किया जाता है। वे प्रोटोकोल कहलाते है।
List Of Protocols
1. FTP (File Transfer Protocol)
2. HTTP (Hyper Text Transfer Protocol )
3. TELNET
4. GOPHER
5. TCP/IP (Transmission Control Protocol/ Internet Protocol)

1. FTP (File Transfer Protocol):- यह एक Protocol  है जो इन्टरनेट के माध्यम से दो कम्प्यूटर के बीच फाईल को स्थान्तरण करवाता है। फाईल के एक एक सिस्टम से दूसरे सिस्टम में Transfer  होती है। उन्हे FTP Server कहते है। क्योकि यह File Transfer करने की सुविधा प्रदान करते है। file Transfer दो प्रकार के होते हैः-  (a) ASCII- अस्की का use  सिर्फ text को transfer करने के लिए किया जाता है।    (b) Binary- बायनरी का प्रयोग करके text के अलावा अन्य object  को भी transfer किया जा सकता है।
2. HTTP (Hyper Text Transfer Protocol ):- इसका use किसी वेबसाईट को अपने सिस्टम से connect  करने के लिए किया जाता है। वेबसाईट में जो text type किए जाते है, वे hyper text कहलाते है। Hyper text को एक मशीन से दूसरे मशीन में भेजने के लिए जिस प्रोटोकोल का use किया जाता है। वेबपेज वेबसाईट का समूह होता है जो एक special language में लिखे जाते है। जिसे HTML कहते है। इन HTML page को किसी server की site  से अपने कम्प्यूटर सिस्टम  load किया जा सकता है। इसी प्रकिया को hyper transfer text कहते है। इन्टरनेट पर जब किसी वेबसाईट को open किया जाता है तो उस वेबसाईट के नाम के सामने अपने आप HTTP लिखा हुआ प्रदर्शित हो जाता है।
3. TELNET :- यह प्रोटोकोल यूजर को Remote Computer से connect करने में सहायक होता है। Remote  Computer Internet से जुड़े वे कम्प्यूटर होते है जो अधिक दूरी होने पर connect होते है। Telnet वह सर्विस है जो यूजर के अन्य कम्पयूटर पर पहुचाकर उसमें उपलब्ध सर्विस को use करने के सुविधा प्रदान करते है। Telnet पर कार्य करते समय user name और password की आवश्यकता पड़ती है। ये दोनो नाम सही होने पर यूजर Remote Computer से connect  हो जाता है। Telnet के माध्यम से यूजर विश्व के सभी प्रकार लाईब्रेरी, डेटाबेस, तथा अन्य सार्वजनिक सेवाओ का use कर सकता है।
4. GOPHER:- यह एक इन्टरनेट प्रोटोकोल है जो इन्टरनेट पर सूचना को Transmit करने का कार्य करता है। यह एक यूजर फ्रेण्डली इन्टरफेस प्रदान करता है। ये यूजर के द्वारा Request किये गये सभी सूचना को मानीटर स्क्रीन पर प्रदर्शित करता है। यह एक से अधिक इन्टरनेट सर्विस को आपस में connect करने की सुविधा देता है।
5. TCP:- यह प्रोटोकोल इन्टरनेट पर विभिन्न कम्प्यूटर के बीच सूचना के Transfer को नियन्त्रित करता है। यह communication  को भी नियन्त्रित करता है। communication के बीच में किसी प्रकार का दूरी होने पर नेटर्वक व्यस्त हो जाता है। इस स्थिति को TCP के द्वारा Handle किया जाता है। यह निर्धारित करता है कि सूचना को किस पाथ से Transfer किया जाए।
 
5. IP:- प्रत्येक सिस्टम में एक IP Address होता है जो उसे नेटवर्क में पहचान देने के लिए दिया जाता है। ताकि जिस स्थान से कम्प्यूटर आपरेट किया जा रहा है उस स्थान का नाम पता लगाने के लिए इस Address का प्रयोग किया जाता है। इन्टरनेट एक बड़ा नेटवर्क होता है। जिसमें सभी कम्प्यूटर के बीच Transmission के लिए सबसे महत्तवपूर्ण प्रोटोकोल TCP/IP है। IP Address का अर्थ उस नम्बर से होता है जो नेटवर्किंग के समय प्रत्येक सिस्टम को दिया जाता है। Internet Communication के लिए इसी IP Address  का प्रयोग किया जाता है।


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें